ओयो कंपनी के संस्थापक व सीईओ समेत सात अधिकारियों पर धोखाधड़ी का केस, पढ़ें- पूरा मामला

Published by Razak Mohammad on

संवाद न्यूज एजेंसी, डेराबस्सी (पंजाब)

Updated Mon, 14 Sep 2020 11:14 PM IST

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पंजाब की मोहाली पुलिस ने ओयो कंपनी के फाउंडर व सीईओ समेत सात अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गांव ककराली में स्थित मैरिज पैलेस काजाविला के प्रबंधक की शिकायत पर की है। शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त कंपनी के साथ उनके मैरिज पैलेस का इकरारनामा था, जिसकी शर्तों का उल्लंघन किया गया। एक तरफ तो उनके साथ इकरारनामा खत्म कर दिया। वहीं, दूसरी ओर ग्राहकों से यहां प्रोग्राम करवाने के लिए बुकिंग के पैसे वसूलते रहे।

ये हुए नामजद

आरोपियों में ओयो कंपनी के सीईओ व ग्रुप के फाउंडर रितेश अग्रवाल, सीईओ वेडिंग डिपार्टमेंट संदीप लौढ़ा, तरुण अलावदी कानूनी अधिकारी, रीजनल हेड सन्नी नागपाल, ऑपरेशन हेड शौविक सिन्हा, सचिन बग्गा, हेमंत पंत डायरेक्टर एसओबी को नामजद किया है।

यह है मामला-

थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि गांव ककराली में स्थित मैरिज पैलेस काजाविला के प्रबंधक व मिनरल फूड प्राइवेट लिम. के डायरेक्टर विकास गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी की तरफ से उक्त गांव में काजाविला रिर्जोटस के नाम से मैरिज पैलेस चलाया जा रहा है। ओयो ग्रुप की तरफ से उनके साथ संपर्क कर पैलेस को चलाने की पेशकश की गई। दोनों की सहमति बाद में इकरारनामा ओयो कंपनी के ग्रुप ओरैवल स्टेयस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 29 जून 2019 के साथ तय हो गया। 

इकरारनामे के मुताबिक उक्त कंपनी यहां विवाह शादियों सहित अन्य प्रोग्रामों की बुकिंग करवाएगी व हर एक महीने मैरिज पैलेस के प्रबंधकों को तय रकम अदा करेगी। कंपनी की तरफ से 2020 जनवरी तक शर्तों के मुताबिक भुगतान किया परंतु इसके शर्तों का उल्लंघन करना शुरू कर दिया। ओयो कंपनी ने बिना एक महीने का समय दिए अपने स्तर पर इकरारनामा रद्द कर दिया। इकरारनामा रद्द करने के बावजूद कंपनी की तरफ से मैरिज पैलेस में बुकिंग कर पैसे अपने पास रख कर धोखाधड़ी की है। 

थाना प्रभारी सतिंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच करने के बाद डीए लीगल की राय ली गई। जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी की तरफ से अपने स्तर पर ही इकरार खत्म कर दिया गया है। इकरारनामा खत्म करने के बाद भी प्रोग्रामों की बुकिंग की गई, जिनका कानूनी तौर पर उनके पास कोई अधिकार नहीं था। इसके चलते पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

सार

  • इकरारनामा खत्म होने के बाद भी कर रहे थे मैरिज पैलेस में बुकिंग
  • डेराबस्सी के गांव ककराली में मैरिज पैलेस के प्रबंधक ने दी शिकायत

विस्तार

पंजाब की मोहाली पुलिस ने ओयो कंपनी के फाउंडर व सीईओ समेत सात अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गांव ककराली में स्थित मैरिज पैलेस काजाविला के प्रबंधक की शिकायत पर की है। शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त कंपनी के साथ उनके मैरिज पैलेस का इकरारनामा था, जिसकी शर्तों का उल्लंघन किया गया। एक तरफ तो उनके साथ इकरारनामा खत्म कर दिया। वहीं, दूसरी ओर ग्राहकों से यहां प्रोग्राम करवाने के लिए बुकिंग के पैसे वसूलते रहे।

ये हुए नामजद

आरोपियों में ओयो कंपनी के सीईओ व ग्रुप के फाउंडर रितेश अग्रवाल, सीईओ वेडिंग डिपार्टमेंट संदीप लौढ़ा, तरुण अलावदी कानूनी अधिकारी, रीजनल हेड सन्नी नागपाल, ऑपरेशन हेड शौविक सिन्हा, सचिन बग्गा, हेमंत पंत डायरेक्टर एसओबी को नामजद किया है।

यह है मामला-
थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि गांव ककराली में स्थित मैरिज पैलेस काजाविला के प्रबंधक व मिनरल फूड प्राइवेट लिम. के डायरेक्टर विकास गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी की तरफ से उक्त गांव में काजाविला रिर्जोटस के नाम से मैरिज पैलेस चलाया जा रहा है। ओयो ग्रुप की तरफ से उनके साथ संपर्क कर पैलेस को चलाने की पेशकश की गई। दोनों की सहमति बाद में इकरारनामा ओयो कंपनी के ग्रुप ओरैवल स्टेयस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 29 जून 2019 के साथ तय हो गया। 

इकरारनामे के मुताबिक उक्त कंपनी यहां विवाह शादियों सहित अन्य प्रोग्रामों की बुकिंग करवाएगी व हर एक महीने मैरिज पैलेस के प्रबंधकों को तय रकम अदा करेगी। कंपनी की तरफ से 2020 जनवरी तक शर्तों के मुताबिक भुगतान किया परंतु इसके शर्तों का उल्लंघन करना शुरू कर दिया। ओयो कंपनी ने बिना एक महीने का समय दिए अपने स्तर पर इकरारनामा रद्द कर दिया। इकरारनामा रद्द करने के बावजूद कंपनी की तरफ से मैरिज पैलेस में बुकिंग कर पैसे अपने पास रख कर धोखाधड़ी की है। 

थाना प्रभारी सतिंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच करने के बाद डीए लीगल की राय ली गई। जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी की तरफ से अपने स्तर पर ही इकरार खत्म कर दिया गया है। इकरारनामा खत्म करने के बाद भी प्रोग्रामों की बुकिंग की गई, जिनका कानूनी तौर पर उनके पास कोई अधिकार नहीं था। इसके चलते पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

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