एसएफआई ने नई शिक्षा नीति के खिलाफ ने किया विस का घेराव

Published by Razak Mohammad on

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चौड़ा मैदान से लेकर विधानसभा तक थाली बजाते हुए निकाली रैली, विवि और सरकार के खिलाफ लगाए नारे
एचपीयू में चल रही भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई ने सोमवार को नई शिक्षा नीति और प्रदेश सरकार तथा विवि के छात्र विरोधी फैसलों के खिलाफ विधानसभा का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए दो बजे चौड़ा मैदान से विस के कैनेडी चौक तक रैली निकाली। मुंह पर मास्क लगाकर आवश्यक दूरी बनाए रखने का प्रयास करते हुए निकाली इस रैली के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर मौजूद पुलिस जवानों और अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान हल्की बहसबाजी भी हुई। बाद में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे जाने दिया गया।
कैनेडी चौक पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे जहां से आगे वह नहीं जा सके। यहां कार्यकर्ताओं ने आवश्यक दूरी बनाकर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने चार बजे तक थालियां बजाते हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए यहां प्रदर्शन किया। इस मौके पर राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह निजी संस्थानों को लूट की खुली छूट देने वाला दस्तावेज है। इसके लागू होने के बाद गरीब छात्र उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाएगा। शिक्षा का पूरा नियंत्रण केंद्र सरकार के पास होगा जो संघीय ढांचे को ध्वस्त कर देगा। तीन से 4 हजार से अधिक संख्या वाले कॉलेज ही चलेंगे।
ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति 2018 से रुकी है।
छात्रवृत्ति के 250 करोड़ के घोटाले की जांच पूरी होने तक प्रदेश सरकार छात्रों को छात्रवृत्ति दे।
शिक्षा पर थोपे 18 फीसदी जीएसटी को खत्म करने की मांग भी उठाई गई। विवि में चल रही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। विस के घेराव के बाद राज्य सचिव अमित ठाकुर, अध्यक्ष रमन थार्टा, अनिल ठाकुर और गौरव नाथन ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मांग पत्र सौंपा।
मांगपत्र में यह मांगें की गईं हैं शामिल
एसएफआई ने सीएम को सौंपे मांगपत्र में भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर तर्कसंगत तरीके से लागू करने, भर्ती के लिए गठित छंटनी कमेटी में सेवानिवृत्त और बाहरी प्रोफेसरों के बजाए कार्यरत प्रोफेसर को शामिल करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति वापिस लेने, विवि के आर्थिक संसाधनों का पीठें स्थापित कर दुरुपयोग रोकने, छात्रवृत्ति शीघ्र बहाल करने, अंतिम सत्र के छात्रों के अतिरिक्त सभी छात्रों को पुराने अकादमिक रिकार्ड के आधार पर प्रमोट करने, कॉलेज शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी के निर्देशों अनुसार 65:35 का फार्मूला लागू करने की मांगों को शामिल किया है।

चौड़ा मैदान से लेकर विधानसभा तक थाली बजाते हुए निकाली रैली, विवि और सरकार के खिलाफ लगाए नारे

एचपीयू में चल रही भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अमर उजाला ब्यूरो

शिमला। एसएफआई ने सोमवार को नई शिक्षा नीति और प्रदेश सरकार तथा विवि के छात्र विरोधी फैसलों के खिलाफ विधानसभा का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए दो बजे चौड़ा मैदान से विस के कैनेडी चौक तक रैली निकाली। मुंह पर मास्क लगाकर आवश्यक दूरी बनाए रखने का प्रयास करते हुए निकाली इस रैली के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर मौजूद पुलिस जवानों और अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान हल्की बहसबाजी भी हुई। बाद में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे जाने दिया गया।
कैनेडी चौक पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे जहां से आगे वह नहीं जा सके। यहां कार्यकर्ताओं ने आवश्यक दूरी बनाकर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने चार बजे तक थालियां बजाते हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए यहां प्रदर्शन किया। इस मौके पर राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह निजी संस्थानों को लूट की खुली छूट देने वाला दस्तावेज है। इसके लागू होने के बाद गरीब छात्र उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाएगा। शिक्षा का पूरा नियंत्रण केंद्र सरकार के पास होगा जो संघीय ढांचे को ध्वस्त कर देगा। तीन से 4 हजार से अधिक संख्या वाले कॉलेज ही चलेंगे।
ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति 2018 से रुकी है।
छात्रवृत्ति के 250 करोड़ के घोटाले की जांच पूरी होने तक प्रदेश सरकार छात्रों को छात्रवृत्ति दे।
शिक्षा पर थोपे 18 फीसदी जीएसटी को खत्म करने की मांग भी उठाई गई। विवि में चल रही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। विस के घेराव के बाद राज्य सचिव अमित ठाकुर, अध्यक्ष रमन थार्टा, अनिल ठाकुर और गौरव नाथन ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मांग पत्र सौंपा।
मांगपत्र में यह मांगें की गईं हैं शामिल
एसएफआई ने सीएम को सौंपे मांगपत्र में भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर तर्कसंगत तरीके से लागू करने, भर्ती के लिए गठित छंटनी कमेटी में सेवानिवृत्त और बाहरी प्रोफेसरों के बजाए कार्यरत प्रोफेसर को शामिल करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति वापिस लेने, विवि के आर्थिक संसाधनों का पीठें स्थापित कर दुरुपयोग रोकने, छात्रवृत्ति शीघ्र बहाल करने, अंतिम सत्र के छात्रों के अतिरिक्त सभी छात्रों को पुराने अकादमिक रिकार्ड के आधार पर प्रमोट करने, कॉलेज शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी के निर्देशों अनुसार 65:35 का फार्मूला लागू करने की मांगों को शामिल किया है।

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Categories: Shimla

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