ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी के लिए जारी किया वारंट, इंटरपोल से मांगी मदद

Published by Razak Mohammad on


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Updated Mon, 29 Jun 2020 06:45 PM IST

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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ईरान ने बगदाद में ड्रोन हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दर्जनों अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है। इसके साथ ही ईरान ने इसके लिए इंटरपोल से मदद भी मांगी है। एक स्थानीय अभियोजक (प्रॉसीक्यूटर) ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

हालांकि, ईरान के इस कदम से ट्रंप को गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है। लेकिन, इन आरोपों से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव साफ दिखता है। ईरान और दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ हुए परमाणु समझौते से ट्रंप के अलग हो जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया था। ईरान ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अभियोजन को जारी रखेगा।

तेहरान के अभियोजक अली अलकासीमहर ने कहा कि ईरान ने तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में ट्रंप और 30 से अधिक अन्य लोगों के शामिल रहने का आरोप लगाया है। इस हमले में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलकासीमर ने ट्रंप के अलावा किसी अन्य की पहचान नहीं की। 

वहीं, इंटरपोल से मदद की गुहार को लेकर फ्रांस के लियोन में स्थित इंटरपोल ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसी संभावना भी नहीं है कि इंटरपोल ईरान के अनुरोध को स्वीकार करेगा क्योंकि उसके दिशानिर्देश के अनुसार वह किसी राजनीतिक मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।

कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है तेहरान : पोम्पियो

वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा है कि ईराम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों के नहीं आने दे रहा है। साथ ही वह संभावित अघोषिक परमाणु सामग्रियों और गतिविधियों की जांच में भी आईएईए के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। पोम्पियो ने कहा कि ऐसे में गंभीर सवाल उठता है कि तेहरान क्या छिपाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान ने बगदाद में ड्रोन हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दर्जनों अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है। इसके साथ ही ईरान ने इसके लिए इंटरपोल से मदद भी मांगी है। एक स्थानीय अभियोजक (प्रॉसीक्यूटर) ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

हालांकि, ईरान के इस कदम से ट्रंप को गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है। लेकिन, इन आरोपों से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव साफ दिखता है। ईरान और दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ हुए परमाणु समझौते से ट्रंप के अलग हो जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया था। ईरान ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अभियोजन को जारी रखेगा।

तेहरान के अभियोजक अली अलकासीमहर ने कहा कि ईरान ने तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में ट्रंप और 30 से अधिक अन्य लोगों के शामिल रहने का आरोप लगाया है। इस हमले में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलकासीमर ने ट्रंप के अलावा किसी अन्य की पहचान नहीं की। 

वहीं, इंटरपोल से मदद की गुहार को लेकर फ्रांस के लियोन में स्थित इंटरपोल ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसी संभावना भी नहीं है कि इंटरपोल ईरान के अनुरोध को स्वीकार करेगा क्योंकि उसके दिशानिर्देश के अनुसार वह किसी राजनीतिक मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।

कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है तेहरान : पोम्पियो

वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा है कि ईराम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों के नहीं आने दे रहा है। साथ ही वह संभावित अघोषिक परमाणु सामग्रियों और गतिविधियों की जांच में भी आईएईए के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। पोम्पियो ने कहा कि ऐसे में गंभीर सवाल उठता है कि तेहरान क्या छिपाने की कोशिश कर रहा है।



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