इस परिवार में महिला हो या पुरुष सभी देते हैं वारदात को अंजाम, ज्वेलरी दुकान में चोरी करने वाली मां, बेटी और बेटा गिरफ्तार

Published by Razak Mohammad on

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

मदनगीर में एफ-100 में रहने वाला जयपाल के परविर में महिला हो या पुरुष सभी अपराधिक वारदात करते हैं। जयपाल व उसके दो बड़े बेटे हाल ही में हत्या के केस में जेल से बहार आए है। अब जयपाल की पत्नी, बेटी व सबसे छोटा बेटा ज्वेलरी के यहां चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह अपराधिक वारदातों के बिना नहीं रह सकते।

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि फेज-दो, छत्तरपुर एंक्लेव में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग शंभूदयाल ने 25 दिसंबर को शिकायत दी थी कि उसकी दुकान में एक युवती व महिला आईं। दोनों ने कान की बाली दिखाने को कहा। बाली देखने के बाद कुछ देर बाद दोनों चली गईं। बुजुर्ग ज्वेलर को बाद में पता लगा कि कान की बाली का बॉक्स गायब है। सीसीटीवी फुटेज से पता लगा कि दोनों महिलाएं पचास ग्राम के सोने की ज्वेलरी के बॉक्स को चुराकर ले गई हैं। मामला दर्जकर मैदानगढ़ी थानाध्यक्ष जतन सिंह की देखरेख में संजय कॉलोनी चौकी प्रभारी उमेश यादव, हवलदार पंकज और एएसआई किशोर ने जांच शुरू की।

आरोपियों ने पुलिस को ऐसे किया गुमराह
इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो पता लगा कि  महिलाएं मेटेकिलक रेड रंग की स्कूटी से एक युवक के साथ आई थीं। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए स्कूटी को गुरुग्राम बॉर्डर तक ले गए थे। आखिरकार हवलदार पंकज की टीम ने मदनगीर से महिला मिथिलेश(55), उसकी बेटी दुर्गेश्वरी (21) और बेटा चिराग (19) को गिरफ्तार कर लिया। चिराग ज्वेलरी दुकान के बहार स्कूटी लेकर मां-बेटी का इंतजार कर रहा था। इनके कब्जे से ज्वेलरी दुकान से चुराई सात जोड़ी सोने की बाली, एक मंगलसूत्र, एक सोने की अंगूठी, सोने का कड़ा व स्कूटी जब्त कर ली गई। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से मैदानगढी इलाके में चोरी के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है।

पति व दो बड़े बेटे हाल ही में जेल से बाहर आए हैं
महिला मिथिलेश का पति जयपाल, बड़ा बेटा सागर और राजीव हाल ही में जेल से बाहर आए हैं। ये हत्या के केस में जेल में बंद थे। सागर के खिलाफ नौ व राजवी के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। मिथिलेश भी वर्ष 2013 में अपहरण व हत्या के केस में गिरफ्तार हो चुकी है। मिथिलेश के निशाने पर ऐसी ज्वेलरी की दुकानें होती थी जिन्हें बुजुर्ग चलाते हों।

मदनगीर में एफ-100 में रहने वाला जयपाल के परविर में महिला हो या पुरुष सभी अपराधिक वारदात करते हैं। जयपाल व उसके दो बड़े बेटे हाल ही में हत्या के केस में जेल से बहार आए है। अब जयपाल की पत्नी, बेटी व सबसे छोटा बेटा ज्वेलरी के यहां चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह अपराधिक वारदातों के बिना नहीं रह सकते।

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि फेज-दो, छत्तरपुर एंक्लेव में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग शंभूदयाल ने 25 दिसंबर को शिकायत दी थी कि उसकी दुकान में एक युवती व महिला आईं। दोनों ने कान की बाली दिखाने को कहा। बाली देखने के बाद कुछ देर बाद दोनों चली गईं। बुजुर्ग ज्वेलर को बाद में पता लगा कि कान की बाली का बॉक्स गायब है। सीसीटीवी फुटेज से पता लगा कि दोनों महिलाएं पचास ग्राम के सोने की ज्वेलरी के बॉक्स को चुराकर ले गई हैं। मामला दर्जकर मैदानगढ़ी थानाध्यक्ष जतन सिंह की देखरेख में संजय कॉलोनी चौकी प्रभारी उमेश यादव, हवलदार पंकज और एएसआई किशोर ने जांच शुरू की।

आरोपियों ने पुलिस को ऐसे किया गुमराह

इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो पता लगा कि  महिलाएं मेटेकिलक रेड रंग की स्कूटी से एक युवक के साथ आई थीं। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए स्कूटी को गुरुग्राम बॉर्डर तक ले गए थे। आखिरकार हवलदार पंकज की टीम ने मदनगीर से महिला मिथिलेश(55), उसकी बेटी दुर्गेश्वरी (21) और बेटा चिराग (19) को गिरफ्तार कर लिया। चिराग ज्वेलरी दुकान के बहार स्कूटी लेकर मां-बेटी का इंतजार कर रहा था। इनके कब्जे से ज्वेलरी दुकान से चुराई सात जोड़ी सोने की बाली, एक मंगलसूत्र, एक सोने की अंगूठी, सोने का कड़ा व स्कूटी जब्त कर ली गई। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से मैदानगढी इलाके में चोरी के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है।

पति व दो बड़े बेटे हाल ही में जेल से बाहर आए हैं

महिला मिथिलेश का पति जयपाल, बड़ा बेटा सागर और राजीव हाल ही में जेल से बाहर आए हैं। ये हत्या के केस में जेल में बंद थे। सागर के खिलाफ नौ व राजवी के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। मिथिलेश भी वर्ष 2013 में अपहरण व हत्या के केस में गिरफ्तार हो चुकी है। मिथिलेश के निशाने पर ऐसी ज्वेलरी की दुकानें होती थी जिन्हें बुजुर्ग चलाते हों।

[ad_2]

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *