इंदौरः पाकिस्तानी नागरिक ने खुद को भारतीय बताते हुए बनवा लिए आधार और पैन कार्ड 

Published by Razak Mohammad on


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Mon, 29 Jun 2020 03:24 PM IST

आधार-पैन कार्ड
– फोटो : अमर उजाला

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वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने एक स्थानीय अदालत को बताया है कि एक पाकिस्तानी नागरिक ने खुद को भारतीय बताते हुए आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिए हैं। पान मसाला के अवैध कारोबार के जरिये आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित जीएसटी चोरी में शामिल एक पाकिस्तानी नागरिक आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम दस्तावेज बनवा लिए हैं।

डीजीजीआई के एक अधिकारी ने कथित पाकिस्तानी नागरिक संजय माटा (33) की जमानत याचिका पर अपर सत्र न्यायाधीश यतीन्द्र कुमार गुरु के सामने कल रविवार को सुनवाई के दौरान लिखित आपत्ति पेश करते हुए यह बात कही।

माटा को वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) चोरी के बड़े गिरोह में शामिल होने के आरोप में दो जून को इंदौर में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत के तहत एक स्थानीय जेल में बंद है।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद माटा को जमानत का लाभ देने से इनकार करते हुए उसकी अर्जी खारिज कर दी।

अदालत में माटा की जमानत याचिका पर डीजीजीआई की आपत्ति में कहा गया कि माटा पाकिस्तान नागरिक है। लेकिन उसने स्वयं को भारतीय नागरिक बताते हुए न केवल पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर लिया है, बल्कि झूठे दस्तावेजों के आधार पर अपनी फर्म का जीएसटी पंजीयन भी करा लिया है।

डीजीजीआई के मुताबिक जांच में पता चला है कि माटा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पान मसाला के बिना जीएसटी बिल के कारोबार के जरिये 8.04 करोड़ रुपये की कथित कर चोरी की है।डीजीजीआई की ओर से यह भी कहा गया कि अगर माटा को जमानत का लाभ दिया गया, तो वह पाकिस्तान भाग सकता है और सबूतों को नष्ट करते हुए अनुसंधान में बाधा पहुंचा सकता है।

उधर, माटा की ओर से मामले में उसकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देते हुए अदालत में कहा गया कि उसके ठिकानों पर डीजीजीआई के छापों के दौरान सीजीएसटी अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया और उसके कारोबारी प्रतिष्ठान व घर में बनाया गया पंचनामा गैरकानूनी है।

वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने एक स्थानीय अदालत को बताया है कि एक पाकिस्तानी नागरिक ने खुद को भारतीय बताते हुए आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिए हैं। पान मसाला के अवैध कारोबार के जरिये आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित जीएसटी चोरी में शामिल एक पाकिस्तानी नागरिक आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम दस्तावेज बनवा लिए हैं।

डीजीजीआई के एक अधिकारी ने कथित पाकिस्तानी नागरिक संजय माटा (33) की जमानत याचिका पर अपर सत्र न्यायाधीश यतीन्द्र कुमार गुरु के सामने कल रविवार को सुनवाई के दौरान लिखित आपत्ति पेश करते हुए यह बात कही।

माटा को वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) चोरी के बड़े गिरोह में शामिल होने के आरोप में दो जून को इंदौर में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत के तहत एक स्थानीय जेल में बंद है।

अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद माटा को जमानत का लाभ देने से इनकार करते हुए उसकी अर्जी खारिज कर दी।

अदालत में माटा की जमानत याचिका पर डीजीजीआई की आपत्ति में कहा गया कि माटा पाकिस्तान नागरिक है। लेकिन उसने स्वयं को भारतीय नागरिक बताते हुए न केवल पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर लिया है, बल्कि झूठे दस्तावेजों के आधार पर अपनी फर्म का जीएसटी पंजीयन भी करा लिया है।

डीजीजीआई के मुताबिक जांच में पता चला है कि माटा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पान मसाला के बिना जीएसटी बिल के कारोबार के जरिये 8.04 करोड़ रुपये की कथित कर चोरी की है।डीजीजीआई की ओर से यह भी कहा गया कि अगर माटा को जमानत का लाभ दिया गया, तो वह पाकिस्तान भाग सकता है और सबूतों को नष्ट करते हुए अनुसंधान में बाधा पहुंचा सकता है।

उधर, माटा की ओर से मामले में उसकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देते हुए अदालत में कहा गया कि उसके ठिकानों पर डीजीजीआई के छापों के दौरान सीजीएसटी अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया और उसके कारोबारी प्रतिष्ठान व घर में बनाया गया पंचनामा गैरकानूनी है।

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