आम आदमी पार्टी ने की नगर निगम को भंग कर दोबारा चुनाव कराए जाने की मांग

Published by Razak Mohammad on

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Jan 2021 08:17 PM IST

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आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के तीनों नगर निगमों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा शासित नगर निगमों में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं और निगम अपने कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में निगमों को भंग कर फिर से चुनाव कराए जाने चाहिए। वहीं, भाजपा ने आप के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि आप को इन आरोपों को साबित करना चाहिए, अन्यथा झूठे आरोप लगाकर गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि निगम भ्रष्टाचार के कारण अपने कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। पिछले चुनाव के समय भाजपा नेता मनोज तिवारी ने दिल्ली की जनता को यह वायदा किया था कि निगमों का बजट सीधे केंद्र सरकार से लाएंगे और बेहतर काम करके दिखाएंगे। लेकिन पिछले चार साल में वे केंद्र सरकार से निगमों को कोई मदद नहीं दिला सके। ऐसे में मनोज तिवारी को दिल्ली की जनता से अपनी वादाखिलाफी के लिए माफी मांगनी चाहिए। आप नेता ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा रहा है, इसकी पूरी जवाबदेही भारतीय जनता पार्टी की है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने निगम में चल रही परेशानी के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मेयर और भाजपा नेता प्रीती अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने निगमों का 13 हजार करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया है जिसके कारण निगम अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर प्रदर्शन भी किया लेकिन वे उनसे मिलने तक नहीं आए। ऐसे में आप को भाजपा पर आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पूर्व स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन संदीप कपूर ने कहा कि दिल्ली सरकार 60 हजार करोड़ रुपये के बजट में लगभग 24 हजार कर्मचारियों के सहारे दिल्ली चलाती है। जबकि उनका निगम केवल 2700 करोड़ रुपये के सहारे इतने ही कर्मचारियों का निगम चलाता है। ऐसे में व्यवस्था सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती है।

कपूर ने कहा कि सच्चाई यह है कि निगम दिल्ली की सफाई का काम करते हैं, डेंगू, मलेरियारोधी अभियान चलाते हैं। दिल्ली सरकार इसमें कोई सहयोग नहीं करती, जबकि डेंगू के मामले कम होने पर इसकी जिम्मेदारी का श्रेय लेने के लिए अरविंद केजरीवाल सामने आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल कोरोना के मामलों को भी नहीं संभाल सके और केंद्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। ऐसे में साफ हो गया है कि वे दिल्ली के लिए कुछ नहीं करते और केवल श्रेय लेने का नाटक करते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी अक्षमता के लिए अऱविंद केजरीवाल को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सार

  • निगम में कथित भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बना रही आम आदमी पार्टी
  • भाजपा ने कहा- भ्रष्टाचार साबित करें या दिल्ली की गद्दी छोड़ें केजरीवाल

विस्तार

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के तीनों नगर निगमों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा शासित नगर निगमों में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं और निगम अपने कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में निगमों को भंग कर फिर से चुनाव कराए जाने चाहिए। वहीं, भाजपा ने आप के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि आप को इन आरोपों को साबित करना चाहिए, अन्यथा झूठे आरोप लगाकर गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि निगम भ्रष्टाचार के कारण अपने कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। पिछले चुनाव के समय भाजपा नेता मनोज तिवारी ने दिल्ली की जनता को यह वायदा किया था कि निगमों का बजट सीधे केंद्र सरकार से लाएंगे और बेहतर काम करके दिखाएंगे। लेकिन पिछले चार साल में वे केंद्र सरकार से निगमों को कोई मदद नहीं दिला सके। ऐसे में मनोज तिवारी को दिल्ली की जनता से अपनी वादाखिलाफी के लिए माफी मांगनी चाहिए। आप नेता ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा रहा है, इसकी पूरी जवाबदेही भारतीय जनता पार्टी की है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने निगम में चल रही परेशानी के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मेयर और भाजपा नेता प्रीती अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने निगमों का 13 हजार करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया है जिसके कारण निगम अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर प्रदर्शन भी किया लेकिन वे उनसे मिलने तक नहीं आए। ऐसे में आप को भाजपा पर आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पूर्व स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन संदीप कपूर ने कहा कि दिल्ली सरकार 60 हजार करोड़ रुपये के बजट में लगभग 24 हजार कर्मचारियों के सहारे दिल्ली चलाती है। जबकि उनका निगम केवल 2700 करोड़ रुपये के सहारे इतने ही कर्मचारियों का निगम चलाता है। ऐसे में व्यवस्था सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती है।

कपूर ने कहा कि सच्चाई यह है कि निगम दिल्ली की सफाई का काम करते हैं, डेंगू, मलेरियारोधी अभियान चलाते हैं। दिल्ली सरकार इसमें कोई सहयोग नहीं करती, जबकि डेंगू के मामले कम होने पर इसकी जिम्मेदारी का श्रेय लेने के लिए अरविंद केजरीवाल सामने आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल कोरोना के मामलों को भी नहीं संभाल सके और केंद्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। ऐसे में साफ हो गया है कि वे दिल्ली के लिए कुछ नहीं करते और केवल श्रेय लेने का नाटक करते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी अक्षमता के लिए अऱविंद केजरीवाल को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

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