आधारभूत ढांचा नहीं हुआ तो रद्द होगी अब नर्सिंग कॉलेज की मान्यता

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Wed, 16 Sep 2020 02:29 AM IST

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प्रदेश सरकार हिमाचल के नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कड़े कदम उठाने जा रही है। अगर कॉलेज प्रबंधन के पास आधारभूत ढांचा नहीं हुआ नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। आधारभूत ढांचे में प्रयोगशाला, शिक्षण स्टाफ, खेल मैदान, बैठने की क्षमता होना अनिवार्य होगा। इनकी जांच करने के लिए कमेटियां गठित होंगी। 3 महीने के भीतर यह नर्सिंग कॉलेजों के इंस्पेक्शन करेंगी। कैबिनेट की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया है। इसके अलावा प्रदेश का कोई भी नर्सिंग कॉलेज सरकारी मेडिकल कॉलेज के साथ अटैच नहीं होगा। नर्सिंग कॉलेज में ही प्रशिक्षु नर्स के प्रैक्टिकल कराने होंगे।

अभी नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन प्रशिक्षु नर्सों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रेक्टिकल करने भेजते थे। सरकार ने हिमाचल में जीएनएम कोर्स में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला लिया है। अब बीएससी नर्सिंग ही होगी। वर्तमान में जो जीएनएम कोर्स कर रहे हैं उनको भी बीएससी नर्सिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने 100 बिस्तर वाले अस्पताल को ही नर्सिंग कॉलेज चलाने की अनुमति देगा। हिमाचल में कोई भी निजी अस्पताल 100 बिस्तर वाला नहीं है। इससे यह साफ हो गया है कि प्रदेश में अब नर्सिंग कॉलेज आसानी से मंजूरी मिलने वाली नहीं है। पहले यह कंडीशन नहीं थी। आसानी से लोगों को नर्सिंग कॉलेज खोलने की अनुमति मिल जाती थी।

प्रदेश सरकार हिमाचल के नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कड़े कदम उठाने जा रही है। अगर कॉलेज प्रबंधन के पास आधारभूत ढांचा नहीं हुआ नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। आधारभूत ढांचे में प्रयोगशाला, शिक्षण स्टाफ, खेल मैदान, बैठने की क्षमता होना अनिवार्य होगा। इनकी जांच करने के लिए कमेटियां गठित होंगी। 3 महीने के भीतर यह नर्सिंग कॉलेजों के इंस्पेक्शन करेंगी। कैबिनेट की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया है। इसके अलावा प्रदेश का कोई भी नर्सिंग कॉलेज सरकारी मेडिकल कॉलेज के साथ अटैच नहीं होगा। नर्सिंग कॉलेज में ही प्रशिक्षु नर्स के प्रैक्टिकल कराने होंगे।

अभी नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन प्रशिक्षु नर्सों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रेक्टिकल करने भेजते थे। सरकार ने हिमाचल में जीएनएम कोर्स में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला लिया है। अब बीएससी नर्सिंग ही होगी। वर्तमान में जो जीएनएम कोर्स कर रहे हैं उनको भी बीएससी नर्सिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने 100 बिस्तर वाले अस्पताल को ही नर्सिंग कॉलेज चलाने की अनुमति देगा। हिमाचल में कोई भी निजी अस्पताल 100 बिस्तर वाला नहीं है। इससे यह साफ हो गया है कि प्रदेश में अब नर्सिंग कॉलेज आसानी से मंजूरी मिलने वाली नहीं है। पहले यह कंडीशन नहीं थी। आसानी से लोगों को नर्सिंग कॉलेज खोलने की अनुमति मिल जाती थी।

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