आत्महत्या के लिए उकसाने का केस बंद करने की तैयारी, डीडब्ल्यू नेगी समेत तीन पुलिस कर्मियों पर लगाए थे आरोप

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Tue, 30 Jun 2020 04:53 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free में
कहीं भी, कभी भी।

70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें

किन्नौर की रारंग पंचायत के खयाडुप ज्ञाछो (45) की मौत के बाद पत्नी की ओर से दर्ज करवाए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले को बंद करने की तैयारी है। पुलिस ने एसपी साक्षी वर्मा के कार्यकाल के दौरान गुपचुप तरीके से हाईप्रोफाइल मामले में कैंसलेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी।

कोर्ट ने अभी इस रिपोर्ट का संज्ञान नहीं लिया है, लेकिन पूर्व एसपी शिमला व गुड़िया कांड से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड में आरोपी एचपीएस अधिकारी डीडब्ल्यू नेगी के अलावा रारंग पुलिस चौकी के कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ शुरुआती जांच में पुख्ता सबूत व बयान के बाद अचानक केस की कैंसलेशन रिपोर्ट की बात सामने आने के बाद जांच पर सवाल उठने लगे हैं।

ज्ञाछो ने आत्महत्या से पहले छोड़े सुसाइड नोट में डीडब्ल्यू नेगी के अलावा पूह थाने के एएसआई रमेश और हेड कांस्टेबल हुकुम पर झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए थे। पुलिस ने पत्नी भजन देवी की तहरीर पर मौत के कई दिन बाद अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

अमर उजाला में 24 जून, 2017 को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में फंसे एसपी शीर्षक से प्रकाशित खबर पर आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया। एएसआई और हेड कांस्टेबल का तबादला कर दिया गया। ज्ञाछो की पत्नी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दिए। पुलिस ने सुसाइड नोट हैंड राइटिंग मिलान के लिए केंद्र की एक एजेंसी के पास भेजा। जांच में इसकी तस्दीक कर ली कि ज्ञाछो और नेगी व अन्य पुलिस कर्मियों के बीच लगातार फोन पर लंबी बातें हो रही थीं।

विस चुनाव के बाद भाजपा सरकार ने साक्षी वर्मा को एसपी किन्नौर बना दिया। इसी दौरान बहुचर्चित मामले में गुपचुप तरीके से कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। एसपी किन्नौर एसआर राणा ने रिपोर्ट दाखिल करने की पुष्टि की है। हालांकि, स्पष्ट किया कि उनके चार्ज संभालने से पहले ही कोर्ट में यह रिपोर्ट दाखिल हो गई थी। फिलहाल, रिपोर्ट कोर्ट के पास लंबित है। माना जा रहा है कि अगर पीड़ित परिवार ने दोबारा जांच की मांग की तो मामले में कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।

किन्नौर की रारंग पंचायत के खयाडुप ज्ञाछो (45) की मौत के बाद पत्नी की ओर से दर्ज करवाए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले को बंद करने की तैयारी है। पुलिस ने एसपी साक्षी वर्मा के कार्यकाल के दौरान गुपचुप तरीके से हाईप्रोफाइल मामले में कैंसलेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी।

कोर्ट ने अभी इस रिपोर्ट का संज्ञान नहीं लिया है, लेकिन पूर्व एसपी शिमला व गुड़िया कांड से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड में आरोपी एचपीएस अधिकारी डीडब्ल्यू नेगी के अलावा रारंग पुलिस चौकी के कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ शुरुआती जांच में पुख्ता सबूत व बयान के बाद अचानक केस की कैंसलेशन रिपोर्ट की बात सामने आने के बाद जांच पर सवाल उठने लगे हैं।

ज्ञाछो ने आत्महत्या से पहले छोड़े सुसाइड नोट में डीडब्ल्यू नेगी के अलावा पूह थाने के एएसआई रमेश और हेड कांस्टेबल हुकुम पर झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए थे। पुलिस ने पत्नी भजन देवी की तहरीर पर मौत के कई दिन बाद अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

अमर उजाला में 24 जून, 2017 को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में फंसे एसपी शीर्षक से प्रकाशित खबर पर आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया। एएसआई और हेड कांस्टेबल का तबादला कर दिया गया। ज्ञाछो की पत्नी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दिए। पुलिस ने सुसाइड नोट हैंड राइटिंग मिलान के लिए केंद्र की एक एजेंसी के पास भेजा। जांच में इसकी तस्दीक कर ली कि ज्ञाछो और नेगी व अन्य पुलिस कर्मियों के बीच लगातार फोन पर लंबी बातें हो रही थीं।

विस चुनाव के बाद भाजपा सरकार ने साक्षी वर्मा को एसपी किन्नौर बना दिया। इसी दौरान बहुचर्चित मामले में गुपचुप तरीके से कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। एसपी किन्नौर एसआर राणा ने रिपोर्ट दाखिल करने की पुष्टि की है। हालांकि, स्पष्ट किया कि उनके चार्ज संभालने से पहले ही कोर्ट में यह रिपोर्ट दाखिल हो गई थी। फिलहाल, रिपोर्ट कोर्ट के पास लंबित है। माना जा रहा है कि अगर पीड़ित परिवार ने दोबारा जांच की मांग की तो मामले में कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *