आत्मनिर्भर भारत: ऑटो फॉर स्योर प्लैटफॉर्म के साथ महज 20 साल की उम्र में सार्थक शर्मा रच रहे हैं इतिहास

Published by Razak Mohammad on

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी आह्वान पर मेड इन इंडिया मेक इन इंडिया यानी आत्मनिर्भर भारत के साथ कई युवा मिलकर सफलता हासिल कर रहे हैं। जीवन में कुछ करने की चाहत रखने वाले युवा एक कदम आगे बढ़ाकर अपना स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं।  

सार्थक शर्मा ने भी कुछ ऐसा ही करते हुए ऑटो फॉर स्योर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। ऑटो और टैक्सी राइड-शेयरिंग से काफी आसान हुआ है। कोरोना काल में गाड़ियों की कमी के चलते लोगों को आवाजाही में काफी परेशनी का सामना करना पड़ रहा है। 

ऐसे में अगर उनके पास ये प्लेटफॉर्म रहेगा तो आसानी से न केवल किसी राहगीर की मदद कर सकेंगे, बल्कि अपने कुछ पैसे भी कमा सकेंगे। दिल्ली के रहने वाले सार्थक अभी महज 20 साल के हैं। वे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के छात्र हैं, जिन्होंने बेहद छोटी उम्र में व्यावसायिक क्षेत्र में कदम रखा है। 

वे बताते हैं कि उन्हें अपना बिजनस खड़ा करने का जुनून है। उनका कहना है कि नौकरी से ज्यादा उन्हें बिजनेस अपनी ओर खींचता है, क्योंकि इसमें उन्हें अपने मनमाफिक काम करने की आजादी मिलती है। 

ऑटो फॉर स्योर के संस्थापक-सीईओ होने के नाते, वह इस क्षेत्र के सभी व्यवसायों को देखते हैं और उनका विश्लेषण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। सार्थक बताते हैं कि पढ़ाई के साथ वह अपने सहकर्मियों के साथ सलाह-मशविरा करने और मार्गदर्शन करने, व्यावसायिक रणनीति बनाने और रोजमर्रा की चुनौतियों के लिए समाधान खोजने का काम भी करते हैं। बताते हैं कि इसके लिए उन्हें अप टू डेट रहना होता है।

इसमें उनकी मदद आजकल दुनियाभर के अलग-अलग क्षेत्रों से शुरू हुए पॉडकॉस्ट करते हैं। इन दिनों अगर आपमें जिज्ञासा है तो ज्ञान इंटरनेट पर तैर रहा है। इसमें से अपने मतलब की चीजें ढूंढनी होती है। अन्यथा इंटरनेट जाल भी है, इसमें आप फंस भी सकते हैं। काम के साथ वो पर्सनल लाइफ के साथ संतुलन बनाने को भी कहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी आह्वान पर मेड इन इंडिया मेक इन इंडिया यानी आत्मनिर्भर भारत के साथ कई युवा मिलकर सफलता हासिल कर रहे हैं। जीवन में कुछ करने की चाहत रखने वाले युवा एक कदम आगे बढ़ाकर अपना स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं।  

सार्थक शर्मा ने भी कुछ ऐसा ही करते हुए ऑटो फॉर स्योर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। ऑटो और टैक्सी राइड-शेयरिंग से काफी आसान हुआ है। कोरोना काल में गाड़ियों की कमी के चलते लोगों को आवाजाही में काफी परेशनी का सामना करना पड़ रहा है। 

ऐसे में अगर उनके पास ये प्लेटफॉर्म रहेगा तो आसानी से न केवल किसी राहगीर की मदद कर सकेंगे, बल्कि अपने कुछ पैसे भी कमा सकेंगे। दिल्ली के रहने वाले सार्थक अभी महज 20 साल के हैं। वे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के छात्र हैं, जिन्होंने बेहद छोटी उम्र में व्यावसायिक क्षेत्र में कदम रखा है। 

वे बताते हैं कि उन्हें अपना बिजनस खड़ा करने का जुनून है। उनका कहना है कि नौकरी से ज्यादा उन्हें बिजनेस अपनी ओर खींचता है, क्योंकि इसमें उन्हें अपने मनमाफिक काम करने की आजादी मिलती है। 

ऑटो फॉर स्योर के संस्थापक-सीईओ होने के नाते, वह इस क्षेत्र के सभी व्यवसायों को देखते हैं और उनका विश्लेषण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। सार्थक बताते हैं कि पढ़ाई के साथ वह अपने सहकर्मियों के साथ सलाह-मशविरा करने और मार्गदर्शन करने, व्यावसायिक रणनीति बनाने और रोजमर्रा की चुनौतियों के लिए समाधान खोजने का काम भी करते हैं। बताते हैं कि इसके लिए उन्हें अप टू डेट रहना होता है।

इसमें उनकी मदद आजकल दुनियाभर के अलग-अलग क्षेत्रों से शुरू हुए पॉडकॉस्ट करते हैं। इन दिनों अगर आपमें जिज्ञासा है तो ज्ञान इंटरनेट पर तैर रहा है। इसमें से अपने मतलब की चीजें ढूंढनी होती है। अन्यथा इंटरनेट जाल भी है, इसमें आप फंस भी सकते हैं। काम के साथ वो पर्सनल लाइफ के साथ संतुलन बनाने को भी कहते हैं।



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Categories: Delhi

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