अमेरिका: जॉर्ज फ्लोएड से जुड़ा कार्टून छात्रों को दिए जाने पर मचा हंगामा, जानिए पूरा मामला

Published by Razak Mohammad on


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,

Updated Tue, 15 Sep 2020 12:15 AM IST

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अमेरिका में वेस्चेस्टर का एक स्कूल ब्लैक लाइव्स मैटर (Black Lives Matter) आंदोलन से जुड़ा कार्टून छात्रों को देने के मामले में निशाने पर आ गया है। इसमें मौजूदा पुलिस की तुलना गुलामों के मालिक और कू क्ल्क्स क्लैन (Ku Klux Klan) यानि KKK से की गई है। KKK अश्वेतों का एक ऐसा समूह है जो खुद को सर्वश्रेष्ठ समझता है और इसके निशाने पर अफ्रीकी लोग रहते हैं। 
 
वेस्टलेक हाई स्कूल के टीचर क्रिस्टोफर मोरेनो ने 11वीं के छात्रों को पहले ही दिन 8 सितंबर को एक कार्टून दिया जिसे लेकर विवाद हो गया। पांच फोटो वाले इस कार्टून की हेडिंग है जॉर्ज फ्लोएड और हर फोटो में एक गोरे शख्स को अश्वेत व्यक्ति को घुटने से दबाता हुआ दिखाया गया है। ये पांच फोटो पांच दौर की कहानी बयां करती है।  

पहले फ्रेम में एक समुद्री लुटेरा एक अश्वेत की गर्दन को घुटने से दबाता दिख रहा है। दूसरे फ्रेम में गुलामों का मालिक ऐसा ही करता दिख रहा है। तीसरे फ्रेम वाला शख्स KKK का सदस्य दिखाया गया है जो अश्वेत शख्स की गर्दन दबा रहा है। चौथा फ्रेम पृथकतावाद का है जिसमें एक श्वेत पुलिसवाला ऐसे ही कारनामे को अंजाम दे रहा है। पांचवां फ्रेम आज के दौर का है और जॉर्ड फ्लोएड से जुड़ा हुआ है जिसकी मौत के बाद से ही अमेरिका में ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान चल रहा है। 

हर फ्रेम में लिखा हुआ है I cant breath (मैं सांस नहीं ले सकता)। यही वो शब्द हैं जो जॉर्ज फ्लोएड ने 25 मई को मौत से ठीक पहले श्वेत पुलिसकर्मी से कहे थे। 

इस कार्टून को लेकर अब अभिभावक नाराज हैं। एक छात्र की मां एनिया पेटरनोस्ट्रो का कहना है कि कार्टून में पुलिस की तुलना KKK से  करना एक तरह से पुलिस पर हमला करना है। उन्होंने ये कार्टून डिस्ट्रिक्स सुपरिटेंडेंट और स्कूल के प्रिंसिपल को भेजा है। उनका कहना है कि ये कार्टून विचलित करने वाला है, हमें नीली वर्दी वालों का भी सम्मान करना होगा जो हमारी सुरक्षा करते हैं। 

खास बात है कि अगस्त में भी यही कार्टून टेक्सास के एक स्कूल में आठवीं के छात्रों को दिया गया था। उस समय भी इसे लेकर विवाद हुआ था और नाराज अभिभावकों ने अध्यापक को बर्खास्त करने की मांग की थी। रेमंड कूपर जूनियर हाई स्कूल के अध्यापक ने ये कार्टून छात्रों को देते हुए उन्हें इस पर लिखने को कहा था। 

अमेरिका में वेस्चेस्टर का एक स्कूल ब्लैक लाइव्स मैटर (Black Lives Matter) आंदोलन से जुड़ा कार्टून छात्रों को देने के मामले में निशाने पर आ गया है। इसमें मौजूदा पुलिस की तुलना गुलामों के मालिक और कू क्ल्क्स क्लैन (Ku Klux Klan) यानि KKK से की गई है। KKK अश्वेतों का एक ऐसा समूह है जो खुद को सर्वश्रेष्ठ समझता है और इसके निशाने पर अफ्रीकी लोग रहते हैं। 

 

वेस्टलेक हाई स्कूल के टीचर क्रिस्टोफर मोरेनो ने 11वीं के छात्रों को पहले ही दिन 8 सितंबर को एक कार्टून दिया जिसे लेकर विवाद हो गया। पांच फोटो वाले इस कार्टून की हेडिंग है जॉर्ज फ्लोएड और हर फोटो में एक गोरे शख्स को अश्वेत व्यक्ति को घुटने से दबाता हुआ दिखाया गया है। ये पांच फोटो पांच दौर की कहानी बयां करती है।  

पहले फ्रेम में एक समुद्री लुटेरा एक अश्वेत की गर्दन को घुटने से दबाता दिख रहा है। दूसरे फ्रेम में गुलामों का मालिक ऐसा ही करता दिख रहा है। तीसरे फ्रेम वाला शख्स KKK का सदस्य दिखाया गया है जो अश्वेत शख्स की गर्दन दबा रहा है। चौथा फ्रेम पृथकतावाद का है जिसमें एक श्वेत पुलिसवाला ऐसे ही कारनामे को अंजाम दे रहा है। पांचवां फ्रेम आज के दौर का है और जॉर्ड फ्लोएड से जुड़ा हुआ है जिसकी मौत के बाद से ही अमेरिका में ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान चल रहा है। 

हर फ्रेम में लिखा हुआ है I cant breath (मैं सांस नहीं ले सकता)। यही वो शब्द हैं जो जॉर्ज फ्लोएड ने 25 मई को मौत से ठीक पहले श्वेत पुलिसकर्मी से कहे थे। 

इस कार्टून को लेकर अब अभिभावक नाराज हैं। एक छात्र की मां एनिया पेटरनोस्ट्रो का कहना है कि कार्टून में पुलिस की तुलना KKK से  करना एक तरह से पुलिस पर हमला करना है। उन्होंने ये कार्टून डिस्ट्रिक्स सुपरिटेंडेंट और स्कूल के प्रिंसिपल को भेजा है। उनका कहना है कि ये कार्टून विचलित करने वाला है, हमें नीली वर्दी वालों का भी सम्मान करना होगा जो हमारी सुरक्षा करते हैं। 

खास बात है कि अगस्त में भी यही कार्टून टेक्सास के एक स्कूल में आठवीं के छात्रों को दिया गया था। उस समय भी इसे लेकर विवाद हुआ था और नाराज अभिभावकों ने अध्यापक को बर्खास्त करने की मांग की थी। रेमंड कूपर जूनियर हाई स्कूल के अध्यापक ने ये कार्टून छात्रों को देते हुए उन्हें इस पर लिखने को कहा था। 



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