अनार के दाम कम मिलने से बागवान मायूस

Published by Razak Mohammad on


भुंतर में अनार का सीजन शुरू हो गया है। भुंतर सब्जी मंडी में पहुंचा अनार।
– फोटो : Kullu


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कुल्लू/ खराहल। अनार के दाम शुरूआती दौर में ही ठीक नहीं मिलने से बागवान खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। कंधारी सुपर अनार मंडियों में 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब बिक रहा है। इसके चलते बागवान काफी मायूस नजर आ रहे हैं। अच्छी कीमत नहीं मिलने से बागवानों का खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है।
गत साल के मुकाबले 30 से 35 फीसदी तक कम रेट मिल रहा है। बताया जा रहा है कि नासिक और अन्य प्रदेशों से आजादपुर दिल्ली सब्जी मंडियों में अनार की खेप पहुंचने से मांग घट गई है। इस साल गत वर्ष की अपेक्षा अनार की पैदावार 50 फीसदी कम है। ऐसे में बागवानों को दाम भी कम मिल रहे हैं। घाटी के अनार उत्पादक अमित, चमन, रामेश्वर, लाल चंद, श्याम लाल, चेत राम, कमल आदि का कहना है कि इस साल अनार की फसल भी कम है। फिर भी बागवानों को कीमत उम्दा नहीं मिल रही है। ऐसे में उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला कुल्लू में 1000 हेक्टेयर भूमि पर अनार की फसल हो रही है। पिछले आठ सालों से कुल्लू की लोअर बेल्ट में अनार का उत्पादन बडे़ पैमाने पर हो रहा है। इससे बागवानों की आर्थिकी भी मजबूत हो रही है। लेकिन इस साल उत्पादन कम होने व बीमारी के चलते अनार उत्पादकों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। भुतंर सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशहाल सिंह ने कहा कि मंगलवार को कंधारी सुपर अनार फल 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मंडी में बिका, जबकि सिंधूरी किस्म की 115 रुपये तक बोली लगी है। पिछले साल कंधारी 100 और सिंधूरी 140 रुपये बिक रहा था। एपीएमसी के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि इस समय नासिक और अन्य राज्यों से भी अनार की खेप देश की मंडियों में आने से डिमांड कम हुई है। ऐसे में कीमत में गिरावट आई है।

कुल्लू/ खराहल। अनार के दाम शुरूआती दौर में ही ठीक नहीं मिलने से बागवान खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। कंधारी सुपर अनार मंडियों में 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब बिक रहा है। इसके चलते बागवान काफी मायूस नजर आ रहे हैं। अच्छी कीमत नहीं मिलने से बागवानों का खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है।

गत साल के मुकाबले 30 से 35 फीसदी तक कम रेट मिल रहा है। बताया जा रहा है कि नासिक और अन्य प्रदेशों से आजादपुर दिल्ली सब्जी मंडियों में अनार की खेप पहुंचने से मांग घट गई है। इस साल गत वर्ष की अपेक्षा अनार की पैदावार 50 फीसदी कम है। ऐसे में बागवानों को दाम भी कम मिल रहे हैं। घाटी के अनार उत्पादक अमित, चमन, रामेश्वर, लाल चंद, श्याम लाल, चेत राम, कमल आदि का कहना है कि इस साल अनार की फसल भी कम है। फिर भी बागवानों को कीमत उम्दा नहीं मिल रही है। ऐसे में उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला कुल्लू में 1000 हेक्टेयर भूमि पर अनार की फसल हो रही है। पिछले आठ सालों से कुल्लू की लोअर बेल्ट में अनार का उत्पादन बडे़ पैमाने पर हो रहा है। इससे बागवानों की आर्थिकी भी मजबूत हो रही है। लेकिन इस साल उत्पादन कम होने व बीमारी के चलते अनार उत्पादकों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। भुतंर सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशहाल सिंह ने कहा कि मंगलवार को कंधारी सुपर अनार फल 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मंडी में बिका, जबकि सिंधूरी किस्म की 115 रुपये तक बोली लगी है। पिछले साल कंधारी 100 और सिंधूरी 140 रुपये बिक रहा था। एपीएमसी के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि इस समय नासिक और अन्य राज्यों से भी अनार की खेप देश की मंडियों में आने से डिमांड कम हुई है। ऐसे में कीमत में गिरावट आई है।

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