अच्छी खबर: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, मिड-डे-मील स्टाफ को भी अब मिलेगा मातृत्व अवकाश

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

Updated Tue, 15 Sep 2020 12:51 AM IST

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
– फोटो : एएनआई

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मिड-डे-मील के तहत काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। पंजाब सरकार ने मैटरनिटी बेनीफिट एक्ट के तहत मिड-डे-मील के स्टाफ को मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया है। हालांकि सरकार ने शर्त रखी है कि राज्य या केंद्र से जारी होने वाले सभी जरूरी दिशा-निर्देश का पालन करना आवश्यक होगा।

पंजाब में शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि मिड-डे-मील पूरी तरह सरकारी फंड आधारित स्कीम है। इस स्कीम के तहत सभी महिला कर्मचारी मातृत्व अवकाश का लाभ लेने की हकदार होंगी। चाहे सरकार ने मंजूरी दे दी है, पर लाभ पाने वाले कर्मचारियों को इस संबंध में केंद्र या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। 

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा तकनीकों द्वारा पढ़ाने और बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के अलावा 6 हजार सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदल दिया गया है। कोविड-19 महामारी के फैलाव के दौरान सरकारी स्कूलों के अध्यापक इंटरनेट की मदद के साथ विद्यार्थियों की बाकायदा ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग दूरदर्शन समेत अन्य टीवी चैनलों की सहायता से कक्षाओं का प्रसारण भी कर रहा है।

मिड-डे-मील के तहत काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। पंजाब सरकार ने मैटरनिटी बेनीफिट एक्ट के तहत मिड-डे-मील के स्टाफ को मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया है। हालांकि सरकार ने शर्त रखी है कि राज्य या केंद्र से जारी होने वाले सभी जरूरी दिशा-निर्देश का पालन करना आवश्यक होगा।

पंजाब में शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि मिड-डे-मील पूरी तरह सरकारी फंड आधारित स्कीम है। इस स्कीम के तहत सभी महिला कर्मचारी मातृत्व अवकाश का लाभ लेने की हकदार होंगी। चाहे सरकार ने मंजूरी दे दी है, पर लाभ पाने वाले कर्मचारियों को इस संबंध में केंद्र या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। 

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा तकनीकों द्वारा पढ़ाने और बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के अलावा 6 हजार सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदल दिया गया है। कोविड-19 महामारी के फैलाव के दौरान सरकारी स्कूलों के अध्यापक इंटरनेट की मदद के साथ विद्यार्थियों की बाकायदा ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग दूरदर्शन समेत अन्य टीवी चैनलों की सहायता से कक्षाओं का प्रसारण भी कर रहा है।

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